बीएन पब्लिक स्कूल भाटपार रानी में कक्षा 10 के छात्र-छात्राओं का विदाई समारोह शैक्षणिक गरिमा, भावनात्मक आत्मीयता और सांस्कृतिक सौंदर्य के साथ संपन्न हुआ। देवरिया जिले के भाटपार रानी क्षेत्र स्थित इस प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 31 जनवरी 2026 को आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के जीवन का एक यादगार अध्याय बन गया। समारोह में जहां एक ओर सफलता की शुभकामनाएं थीं, वहीं दूसरी ओर विद्यालय जीवन की स्मृतियों को संजोने का भावनात्मक क्षण भी मौजूद था।
सजावट और आयोजन ने रचा यादगार माहौल
बीएन पब्लिक स्कूल भाटपार रानी के इस विदाई समारोह का आयोजन कक्षा 9 के छात्र-छात्राओं द्वारा अत्यंत सुंदर और सुसंगठित ढंग से किया गया। विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगी सजावट, प्रेरक उद्धरणों और सृजनात्मक मंच सज्जा से आकर्षक बनाया गया था। आयोजन की रूपरेखा से लेकर मंच संचालन तक में छात्राओं साधना, तान्या, श्रुति और अंशु की भूमिका सराहनीय रही। उनके प्रयासों ने यह सिद्ध कर दिया कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि नेतृत्व और जिम्मेदारी का भी प्रशिक्षण स्थल है।
मां सरस्वती के पूजन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद प्रकाश द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर पूरे सभागार में शांति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण व्याप्त हो गया। दीप प्रज्वलन के उपरांत विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से शिक्षा, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य की कामना की, जिसने कार्यक्रम को एक आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।
कक्षा 10 के विद्यार्थियों ने साझा किए अपने अनुभव
विदाई समारोह का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण तब आया जब कक्षा 10 के छात्र-छात्राओं ने अपने विद्यालयी अनुभव साझा किए। आंचल जायसवाल, अंशिका शर्मा, अजय कुशवाहा, अंजू यादव और वंशिका ने मंच से अपने विचार रखते हुए बताया कि कैसे बीएन पब्लिक स्कूल भाटपार रानी ने न केवल उन्हें शैक्षणिक रूप से सक्षम बनाया, बल्कि जीवन मूल्यों, अनुशासन और आत्मविश्वास का भी पाठ पढ़ाया। कई छात्रों की आंखों में नम भाव यह दर्शा रहे थे कि विद्यालय से विदा लेना उनके लिए कितना भावनात्मक क्षण है।
शिक्षकों का मार्गदर्शन बना प्रेरणा का स्रोत
इस अवसर पर विद्यालय के अंग्रेजी, विज्ञान, हिंदी और गणित विषय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को परीक्षा और जीवन दोनों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। शिक्षक राजेश सर, राज सर, प्रतिभा मैम और पूजा टीचर ने समय प्रबंधन, आत्ममूल्यांकन, कमजोरियों को पहचानने और अपनी ताकत को निखारने पर विशेष बल दिया। शिक्षकों ने परीक्षा की बारीकियों को सरल शब्दों में समझाते हुए छात्रों को यह विश्वास दिलाया कि निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।
‘यह अंत नहीं, एक नए जीवन की शुरुआत है’
कार्यक्रम के समापन सत्र में प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद प्रकाश ने अपने प्रेरणादायक संबोधन से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि यह विदाई किसी अंत का संकेत नहीं बल्कि जीवन की एक नई यात्रा का आरंभ है। कक्षा 10 की परीक्षा को उन्होंने जीवन की पहली महत्वपूर्ण सीढ़ी बताते हुए कहा कि आगे की राह चुनौतियों से भरी होगी, लेकिन आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने वाले छात्र निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करेंगे।
पुरस्कार वितरण के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
प्रधानाचार्य द्वारा छात्रों को पुरस्कार और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए, जिससे उनके चेहरे पर गर्व और आत्मसंतोष की झलक दिखाई दी। पुरस्कार वितरण के साथ ही कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ, लेकिन स्मृतियों की गूंज लंबे समय तक विद्यालय परिसर में बनी रही। छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों और अपने जूनियर साथियों का आभार व्यक्त करते हुए विदा ली।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर विद्यालय परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें राजेश यादव, सोनू कुमार, बलराम यादव, नंदिनी, गुप्ता अनिता यादव, प्रतिभा दीक्षित, पूजा, प्रियंका, दिव्या, खुशी, निकी, पूनम और प्रतीक श्रीवास्तव सहित अन्य शिक्षक-कर्मचारी शामिल थे। सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल और यादगार बनाने में योगदान दिया।






