मालवीय चैलेंज कप पहला सेमीफाइनल मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक और रणनीतिक दृष्टि से दिलचस्प साबित हुआ। देवरिया जिले के भाटपार रानी क्षेत्र में खेले गए इस मुकाबले में आजमगढ़ और समस्तीपुर की टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। टॉस जीतकर समस्तीपुर ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन आजमगढ़ की टीम ने सीमित संसाधनों के बावजूद अनुशासित खेल का परिचय देते हुए मैच को अपने नाम कर लिया।
टॉस और शुरुआती रणनीति
मैच की शुरुआत टॉस से हुई, जिसमें समस्तीपुर के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनने का निर्णय लिया। पिच को देखते हुए यह फैसला व्यावहारिक माना जा रहा था, क्योंकि विकेट पर हल्की नमी और धीमापन मौजूद था। हालांकि, आजमगढ़ के बल्लेबाजों ने शुरुआती दबाव के बावजूद संयम नहीं खोया और रन बनाने की कोशिश जारी रखी।
आजमगढ़ की पारी: सीमित स्कोर, मजबूत इरादा
पहले बल्लेबाजी करते हुए आजमगढ़ की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 95 रन बनाए। स्कोर भले ही बड़ा नहीं था, लेकिन जिस तरह की पिच और मैच की परिस्थितियां थीं, उसमें यह रन किसी चुनौती से कम नहीं थे। टीम की ओर से धनंजय ने सर्वाधिक 29 रन बनाए और पारी को संभालने की कोशिश की। उनके अलावा अन्य बल्लेबाजों ने छोटे-छोटे योगदान देकर स्कोर को सम्मानजनक स्तर तक पहुंचाया।
समस्तीपुर की ओर से आदित्य ने शानदार गेंदबाजी करते हुए दो महत्वपूर्ण विकेट झटके। उनकी लाइन-लेंथ और गति ने आजमगढ़ के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया, लेकिन इसके बावजूद आजमगढ़ ने विकेट बचाते हुए पूरे ओवर खेलने की रणनीति अपनाई।
समस्तीपुर की पारी: दबाव में लड़खड़ाई बल्लेबाजी
96 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी समस्तीपुर की टीम को शुरुआत से ही आजमगढ़ के गेंदबाजों ने दबाव में रखा। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से रन गति प्रभावित होती चली गई। पूरी टीम 19 ओवर और एक गेंद में मात्र 78 रन पर सिमट गई।
समस्तीपुर की ओर से आदित्य ने 25 रन बनाकर संघर्ष दिखाया, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका। आजमगढ़ के गेंदबाज निष्कर्ष ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए दो अहम विकेट हासिल किए और मैच का रुख पूरी तरह अपनी टीम की ओर मोड़ दिया।
मैच का निर्णायक मोड़
इस मुकाबले का निर्णायक मोड़ मध्य ओवरों में देखने को मिला, जब आजमगढ़ के गेंदबाजों ने लगातार डॉट गेंदों और सटीक फील्डिंग के जरिए समस्तीपुर पर दबाव बनाया। कम स्कोर के बावजूद आजमगढ़ ने जिस तरह मैदान पर ऊर्जा और अनुशासन दिखाया, वही इस जीत की सबसे बड़ी वजह बनी।
मैन ऑफ द मैच: धनंजय
आजमगढ़ की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले धनंजय को उनके 29 रनों की उपयोगी पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। दबाव भरे हालात में खेली गई उनकी यह पारी टीम के लिए निर्णायक साबित हुई।
दूसरा सेमीफाइनल 2 फरवरी को
मालवीय चैलेंज कप का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला 2 फरवरी 2026 को सिवान और गोरखपुर की टीमों के बीच खेला जाएगा। इस मैच को लेकर भी क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
इस मुकाबले के मुख्य अतिथि बनकटा ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी अभिषेक सिंह उर्फ पप्पू सिंह होंगे। उनके साथ जिलाधी ब्लॉक प्रमुख विनोद तिवारी, लामी चौर ग्राम प्रधान मोहन सिंह, मुखिया संघ के अध्यक्ष विनोद तिवारी तथा युवा नेता सिरसिया पवार अमित पवार की उपस्थिति रहेगी।
आयोजन समिति और आयोजन की भूमिका
मैच के सफल आयोजन में कमेटी की ओर से अध्यक्ष विजेंद्र यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंपायर के रूप में दिलीप साहनी और जींस श्रीवास्तव ने निष्पक्ष निर्णय देकर मुकाबले को सुचारु रूप से संपन्न कराया। आयोजन से जुड़े अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी पूरे समय मौजूद रहे और व्यवस्था संभालते नजर आए।
कुल मिलाकर मालवीय चैलेंज कप पहला सेमीफाइनल न केवल खेल भावना का बेहतरीन उदाहरण बना, बल्कि ग्रामीण और क्षेत्रीय क्रिकेट प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में भी एक सशक्त पहल साबित हुआ।






