मेडिकल कॉलेज हॉस्टल प्रेम दिवानी मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि मानसिक स्वास्थ्य, पेशेवर सीमाएं और सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था कितनी सुदृढ़ है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सामने आया यह मामला न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि डॉक्टर जैसे संवेदनशील पेशे से जुड़े लोगों को किस तरह की मानसिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
हॉस्टल लॉबी में हंगामा, घंटों चला इंतज़ार
26 दिसंबर को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की लॉबी उस वक्त असहज स्थिति का गवाह बनी, जब एक युवती अचानक वहां पहुंची और वार्डन से एक सीनियर डॉक्टर का नाम लेकर पूछने लगी। वार्डन द्वारा उद्देश्य पूछे जाने पर युवती ने साफ शब्दों में कहा कि वह डॉक्टर से प्यार करती है और उनसे मिलना चाहती है। जब उसे बताया गया कि डॉक्टर हॉस्टल में मौजूद नहीं हैं, तब भी वह वहीं बैठ गई और घंटों तक इंतजार करती रही।
हॉस्टल प्रशासन और मेडिकल स्टाफ ने स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया और युवती को समझाया, लेकिन वह किसी भी तरह वहां से जाने को तैयार नहीं थी। हालात तब और गंभीर हो गए जब उसने हॉस्टल परिसर छोड़ने से इनकार कर दिया। अंततः पुलिस को सूचना देने की बात सामने आते ही युवती वहां से चली गई, लेकिन तब तक मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच चुका था।
ढाई साल पुराना संपर्क, इलाज से शुरू हुई कहानी
इस पूरे मामले के केंद्र में हैं वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. विवेक शर्मा। डॉक्टर के अनुसार, करीब ढाई साल पहले युवती अपने पिता का इलाज कराने मेडिकल कॉलेज आई थी। इलाज के दौरान किसी माध्यम से उसने डॉक्टर का मोबाइल नंबर प्राप्त कर लिया। शुरुआती संपर्क इलाज और फीडबैक तक सीमित था, लेकिन समय के साथ बातचीत का स्वरूप बदलता चला गया।
डॉ. शर्मा का कहना है कि अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार कॉल आने लगे। उन्होंने पेशेवर मर्यादा का पालन करते हुए हर बार युवती को समझाने की कोशिश की और स्पष्ट किया कि वह विवाहित हैं। इसके बावजूद युवती का व्यवहार दबाव, भावनात्मक निर्भरता और मानसिक उत्पीड़न की ओर बढ़ता चला गया।
डॉक्टर दंपति की चिंता, पुलिस को देनी पड़ी सूचना
जब हॉस्टल में युवती के पहुंचने की जानकारी डॉक्टर दंपति को मिली, उस समय वे निजी कारणों से बनारस में मौजूद थे। फोन के माध्यम से युवती को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह किसी भी तरह की बात सुनने को तैयार नहीं थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंततः पुलिस को सूचना दी गई।
डॉ. विवेक शर्मा की तहरीर पर गुलहरिया थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि महिला की तलाश जारी है और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होती है
मनोचिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. तपस का कहना है कि प्रथम दृष्टया महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होती है। यह स्थिति जेनेटिक कारणों से भी हो सकती है और पारिवारिक सहयोग के अभाव से भी जुड़ी हो सकती है। उनके अनुसार महिला डॉक्टर में एक भावनात्मक सहारे की तलाश कर रही थी।
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प्राचार्य का बयान, प्रबंधन डॉक्टर के साथ
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने कहा कि मामला संज्ञान में है और कॉलेज प्रशासन पूरी तरह डॉक्टर के साथ खड़ा है। सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।










